Saturday, June 12, 2010

02.खयाल अजनबी !

उम्र उनकी है उन्नीस साल अजनबी !
उम्र अपनी है इक्कीस साल अजनबी !!
जब से उनसे मेरी हुई मुलाकात है !
बार बार आता उनका खयाल अजनबी !!
जी तो चाहता रंग दूँ उन्हें प्यार के रंग में !
हाथों में लेकर रंग-गुलाल अजनबी !!
रूक-रूक के आती उनकी अदाओं की याद !
क्या गजल की मतवाली चाल अजनबी !!
दिल बहलता मेरा यूँ निगाहें मिलाकर !
आँखें है करती आँखों से सवाल अजनबी !!
कोई घूर के देखे उन्हें तो नोचलूँ आँखें !
है यहाँ किसकी ऐसी मजाल अजनबी !!
तस्सली होगी हमें कभी अपने प्यार पर !
कुछ तो दिखायें आओ हम कमाल अजनबी !!
अपने प्यार को देख कभी कहेगा ये यहाँ !
राधाकिशनकी जोडी थी मिसाल अजनबी !!
हमें मालूम है अच्छी तरह कुछ दुश्मन !
बुन रहे यूँ खिलाफ हमारे जाल अजनबी !!
प्यार कभी झुकता नहीं किसी ताकत के आगे !
कर नही सकता कोई बांका बात अजनबी !!
दिल की बात उतारूँ कैसे कागज पर !
कैसे लिखूँ ख़त में दिल का हाल अजनबी !!
इजहारे प्यार में डरता हूँ जाने क्यों !
अरमान हो जाये मेरे हलाल अजनबी !!
बडे घर की बडी खुबसूरत बेटी है वो !
डर है गुस्से में हो जाये वो लाल अजनबी !!
कहते है लोग जो सोंचू होते वे घोचू है !
लड़के को ही करना होता बहाल अजनबी !!
दुनिया होगी हसी प्यार के सहारे जीने से !
जिन्दगी होगी और भी खुशहाल अजनबी !!
नाम उनकाराधाहै मेरा तोकिशनहै ही !
राहे प्यार में चले ले के मशाल अजनबी !!
अपने प्यार का इजहार मैं कर ही डालूँ !
हाथों में लेकर गुलाब लाल अजनबी !!
उनके हाथों में दे दूँ एक प्यार भरा खत !
साथ में सुन्दर रौशनी रूमाल अजनबी !!

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