यकीनन उन्हें मेरी याद आई होगी जरूर !
जब आई होगी याद तो सताई होगी जरूर !!
नजर मिलते ही शर्म से जो यूँ सिमट जाती !
खयालों में भी खोके वो शरमाई होगी जरूर !!
हिचकियाँ आ रही हैं क्यों फड़क रही है नजर !
मेरे बारे किसी को कुछ बताई होगी जरूर !!
तस्वीर मेरी ले गई है देके अपनी तस्वीर !
अपनी सहेलियों को तो दिखाई होगी जरूर !!
छेड़ छाड़ कर उन्हें जब पूछेंगी सहेलियाँ !
कुछ तो बहाना बह बनाई होगी जरूर !!
नैनों में नीद है न चैन दिल को लेटे है बस !
करवटों में वो भी रात बिताई होगी जरूर !!
डाकिये की हर आहट से दिल यूँ मचलता !
जैसे नाम मेरे उनकी चिट्टी आई होगी जरूर !!
तरस रही है निगाहें उन्हें देखने इक झलक !
मेरी राह में वो भी आँखें बिछाई होगी जरूर !!
धरती और आसमां के दीदार नहीं हो रहे !
जुदाई की काली घटाएं छाई होगी जरूर !!
पुरवाई से पूछूँया नभ के काले बादल से !
किसी के हाथों कुछ तो खबर भिजवाई होगी जरूर !!
उठ रहा मन में आज फिर से यौवन ज्वार !
बीते बरस की यादों से नहायी होगी जरूर !!
स्वाति बूँदों से बह रहे हैं अश्क आँखों से मेरे !
मेरी याद में वो भी आँसू बहायी होगी जरूर !!
आज ही के दिन मिले थे हम दोनों जहाँ में !
बीते बरस की यादों से नहायी होगी जरूर !!
देख बिजुरी छिप जाती जो मेरे सीने में आके !
बादल गरज सुन शोर मचाई होगी जरूर !!
मचल रहा है दिल क्यूं सपनें हिलोरें ले रहे !
कुछ तो घड़ियों खुशियों की आई होगी जरूर !!
बहुत दिनों के बाद मिले हैं फिर भी वो चुप है !
पहले न बोलने की कसम खाई होगी जरूर !!
उम्मीद तो है उनपे ऐतबार भी ‘अजनबी’ !
आँखों से दूर होके भी वफा निभायी होगी जरूर !!
ये तो अपनी सोच है प्यार का भरम भी !
‘गर ऐसा न हुआ तो वो हरजाई होगी जरुर !!
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