Saturday, June 12, 2010

27.जरूरत है !

मेरे हृदय में तुम्हारी मुहब्बत की मूरत है !
मेरे खयालों में तुम्हारी मासूम -सी सूरत है !!
आज कह रहा हूँ मैं, दुनियावालों के सामने !
मुझे तुम्हारी और सिर्फ तुम्हारी जरूरत है !!

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