Saturday, June 12, 2010

15. अरमान पल रहे हैं !

अरमान पल रहे हैं, दो दिल मचल रहे हैं
प्यार की राह में बनके हमराही
बांहों में डाले बाहें एक साथ चल रहे हैं !
अरमान पल रहे हैं दो दिल मचल रहे हैं !!
इश्क की इस कदर जो लगी आग है,
इस आग में हम तुम दोनों जल रहे हैं, अरमान ........!
दिल में महफिल में, आँखों की झील में तुम ही तुम हो,
बाहों में निगाहों में राहों में तुम ही तुम हो,
जिसे दिल दिया वो तुम हो, जिसे प्यार किया वो तुम हो,
चाहा है तुम्हें दिल से और चाहते रहेंगें,
चाहत की हद से हम आगे निकल रहे हैं, अरमान ........!
डालों में सवालों में, खयालों में तुम ही तुम हो,
गुलाबों में जवाबों में, ख्वाबों में तुम ही तुम हो,
मेरे दिल का मेहमां हो, मेरे प्यार का आशियाँ हो,
जी रहे हैं प्यार में हम कभी मरके रहेंगे ,
चाहत के बहाने यूँ दो-दिल बहल रहे हैं, अरमान ........!
हवाओं में फिजाओं में, घटायों में तुम ही तुम हो,
बहारों में नजारों में, सितारों में तुम्हीं तुम हो,
तुमने हमे सवांरा है, तुमने हमें स्वीकारा है,
खाते है हम कसंम हम प्यार निभाते रहेंगे,
बदलेंगे हम कभी ना मौसम बदल रहे हैं, अरमान ........!
मन में धड़कन में, कणकण में तुम ही तुम हो,
वादों में इरादों में, यादों में तुम्हीं तुम हो,
तुमने हमे अपनाया है, हमें यूँ अपना बनाया है,
जलता है जमाना तो उसे और जलायेंगे,
देखिये जमाने के लोग हाथ मल रहे हैं, अरमान ........!
प्यार की राह में बनके हम राही
बांहों में डाले बाहें एक साथ चल रहे हैं !
अरमान पल रहें हैं, दो-दिल मचल रहे हैं !!

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