Saturday, June 12, 2010

तेरे दिल में बंद हूँ मैं, निगाहों को पसंद हूँ मैं !
एहसान तुम्हारा , एहसानमंद हूँ मैं !!
तेरा हबीब हूँ मैं, दिल के करीब हूँ मैं !
मुझे मिला प्यार
तुम्हारा बड़ा खुशनसीब हूँ मैं !!
तेरे मन का मीत हूँ मैं, तेरे दिल के करीब हूँ मैं !
गुनगुना लो हमें भी, दर्दीला संगीत हूँ मैं !!
हर ख़ुशी है तू गम हूँ मैं, कागज तू कलम हूँ मैं !
हर कसम है तुम्हारी, तेरा ही सनम हूँ मैं !!
तू कली भौंरा हूँ मैं, तुलसी तू चौंरा हूँ मैं !
श्री गणेश करें प्यार का, तू गौरी गौरा हूँ मैं !!
तू फूल खुशबू हूं मैं, तेरी जुस्तजू हूँ मैं !
तेरी आरजू है हमारी, तेरी आरजू हूँ मैं !!
‘राधा’ तू ‘किशन' हूँ मैं, सजनी तू साजन हूँ मैं !
सांसों में बसी तुम हो, तेरे दिल की धड़कन हूँ मैं !!
तू नैया तो झील हूँ मैं, राहें तू मंजिल हूँ मैं !
शुक्रिया है जो तुम्हारा, समझा इस काबिल हूँ मैं !!

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