जूही की कली है तुम्हारी याद !
रेशम -सी मखमली है तुम्हारी याद !!
मधु-सा मधुर लगता प्रेम तुम्हार !
मिश्री की डली है तुम्हारी याद !!
रात दिन मेरा ख्याल रखती !
कितनी भली है तुम्हारी याद !!
खयाल बन उड़ आती मन बगिया में !
जैसे कोई तितली है तुम्हारी याद !!
कभी इस डाली कभी उस डाली !
खूब मनचली है तुम्हारी याद !!
तरसती आँखें तड़पता दिल !
मचाती खलबली है तुम्हारी याद !!
सोने से पहले जागने के बाद !
फिर निकल चली है तुम्हारी याद !!
भूख मिटाने मेरी आ जाती देखो !
दोसा व इड़ली है तुम्हारी याद !!
सारी दुनिया की मुझे सैर कराती !
लंदन, पैरिस, ईटली है तुम्हारी याद !!
खाने में भी मजा है और चूसने में भी !
आम की गुठली है तुम्हारी याद !!
जी तो चाहता जी भर के बजाता रहूँ !
जैसे कोई डपली है तुम्हारी याद !!
प्यार में मुझको पागल क्यों बना रही !
क्या प्यार में पगली है तुम्हारी याद !!
दिखने में सुन्दर छूने में कोमल !
सोने की मछली है तुम्हारी याद !!
सपनों में केवल तम्हीं तुम दिखती !
कितनी असली है तुम्हारी याद !!
‘राधा किशन ’ की प्रेम कहानी !
बनाने चली है तुम्हारी याद !!
जिन्दगी भर तो ढोना है यूँ ‘अजनबी’ !
जीवन की पोटली है तुम्हारी याद !!
ज्योति-सी जगमगाती जीवन को !
बन गयी दीपावली है तुम्हारी याद !!
जुदाई तन्हाई में गुनगुनी लगती !
धूप-सी उजली है तुम्हारी याद !!
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