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Saturday, June 12, 2010
21.कभी - कभी !
पहले
कभी इतनी हसीं न थी मेरी जिन्दगी !
जब से तुम्हें देखा मैंने जीना सिखा ‘अजनबी’ !!
तमन्ना मेरी तुम्हें पाने की यूँ होने लगी हैं जवां !
तुम तो मेरे अपने ही हो ऐसा लगता कभी - कभी!!
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