हमने तो उनके नाम अपनी जिन्दगी कर दी !
अर्सा एक या दो नही पूरी की पूरी सदी कर दी !!
अमा की अंघेरी रात में जुगनू बन जिये हम !
नाम उनके पूनम की रात और चाँदनी कर दी !!
जीवन के सफर में हमें जो कुछ भी मिले थे !
गम लिये हम जिन्दगी में उनकी ख़ुशी भर दी !!
राहें प्यार में जाहिर है फूल भी मिलेंगे काँटे भी !
काँटे हम्ही ने बाँटे उनके हिस्से हरियाली कर दी !!
काँटे की राहों पर चलते रहे पर आह न की !
जब हिम्मत ही न थी उनमे तो क्यो हामी भर दी !!
रंगीन सपने बहार फिजां महफिल दिये उन्हें !
अश्के गम दर्दे दिल से हमने दोस्ती कर ली !!
उनकी यादों मे अपना दिल जला कर हमने !
पी गये अंघियारे उनके हिस्से रौशनी कर दी !!
मेरी मुहब्बत पे उन्हें भरोसा नही था शायद !
इसीलिए किसी दुसरे से उन्होने शादी कर ली !!
ऐसी क्या वजह थी जो उनकी जुबां खुल न सकी !
जब घरवालो ने उनकी और से सगाई कर दी !!
अपने अरमानो का गला घोटा हमने प्यार में !
आरजुओं ने तमन्नाओं ने भी ख़ुदकुशी कर ली !!
तरस खाके लोगो ने पुछा ये क्या किया ‘अजनबी ’!
दिल जलाकर उनकी जिन्दगी दीवाली कर दी !!
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