अश्क आँखों में लिये मुस्कान ढूँढ रहा हूँ मैं !
आदमियों की भीड़ में इंसान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
सुना सकूँ मैं भी किसी को अपने दिल की बातें !
बहरों के बीच ऐसा कान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
अमन पलता हो जहाँ रह सकूँ सुकून से !
मुद्दत से एक ऐसा मकान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
पर कटे हैं पर उड़ने की ख्वाहिश है बाकी !
पिंजड़े में कैद हो आसमान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
अर्से बीत गये आँसू बहाये प्यार में किसी के !
जख्म भरा दिलका वो निशान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
बस जाये आकर निगाहों मैं जो कभी न जाये !
दिल का इक ऐसा मेहमान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
दिल के बदले में मिले एक प्यार भरा दिल !
दिल के बाजार में एक ऐसी दुकान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
कल तक हमें नाज था आज अफसोस क्यो है !
खोई हुई अपनी पहचान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
जिसकी हर अदायों पे हो निसार मेरा दिल !
ऐसी खूबसूरत साहेबान ढूँढ रहा हूँ मैं !!
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