उजड़े प्यार का मेरा यूँ मंजर देखिये !
किसने चलाया दिल पे खंजर देखिये !!
कल तक उगी हरी घास थी चाहत की !
कैसे हुआ आज ये दिल बंजर देखिये !!
यादो में किसी की यूँ रोते रोते ‘अजनबी ’ !
ढिली पड़ी मेरी ये अस्थी पंजर देखिये !!
बहाते बहाते आँसू धंस गई अँखियाँ !
प्यार ने किया कैसा जादू मंतर देखिये !!
सपने अरमान ख्वाब बिखर गये मेरे !
लहूलूहान ये दिल के अंदर देखिये !!
उनकी आँखों से छलकते आँसू ख़ुशी के !
आँसू आँसू में है कितना अंतर देखिये !!
कहते हैं लोग इश्क आग का दरिया है !
मैंने बनाए अश्क समंदर देखिये !!
No comments:
Post a Comment