अगर आज जा तु मेरे साथ होती !
हुई न जो कल तक वो बात होती !!
सितारे से सजाता माँग में तेरी !
दुल्हन तुझे बनाता ‘गर औकात होती !!
फुलों के बिस्तर में तुझे मै लिटाता !
किस्मत में जो लिखी सुहागरात होती !!
मेरे संग होता तेरा ‘शुभ विवाह’ !
हम दोनो की ‘गर एक जात होती !!
प्यार के सहारे जीते हम तुम दोनो !
जिन्दगी में खुशियों की बारात होती !!
सूरज की लाली होती होंठों में तेरी !
गुलाबी मुस्काने तेरी सौगात होती !!
तेरी हर बातों की करता मैं कद्र !
बातों में ‘गर छिपी जजबात होती !!
अकेलेपन का अहसास होता तुझको !
मेरी तरह तू भी ’गर अनाथ होती !!
दिल तुझे न देता तो यूँ ‘अजनबी’ !
आँखों से आँसुओं की न बरसात होती !!
इश्क की आग से जो मैं खेला न होता !
इश्क में मेरी न ऐसी हालात होती !!
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