जिंदगी से उब चला हूँ मैं !
दर्द की पनाहों में पला हूँ मैं !!
आज भी निशान हैं ‘अजनंबी‘ दिल में !
इश्क में इस कदर जला हूँ मैं !!
किसको सुनाऊँ अपना दुखड़ा !
किसको दिखाऊँ दिल का टुकड़ा !!
साथी है न कोई हमदम मेरे !
वक्त भी है मुझसे उखड़ा -उखड़ा !!
khooob.
khooob.
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