गुलदस्ता
Pages
कागजी प्यार
बोलती तस्वीरें
अनूदित कथाएं
कवितायेँ
बाल साहित्य
हाइकु
अन्य
क्षणिकाएँ
Thursday, July 8, 2010
99.खुदकुशी से !
मेरी मौत की खबर सुन क्या वे कभी रोयेंगे भी
या उछल पड़ेंगे खुशी से !
मौत से भी ‘गर आँखों से आँसू न बहे तो
बेहतर है मर जाना खुदकुशी से !!
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment