उनसे जुदा मुझे आज पुरे दस साल हो गये !
राहे प्यार में चलते-चलते मेरे ये क्या हाल हो गये !!
हकीकत की जमी पर मेरी चाहत हसरत आरजू !
प्यार भरे सारे अरमान मेरे यूँ हलात हो गये !!
उन्हें पाकर यूँ लूटा दिये दिल के प्यार भरे वो खजाने !
उन्हें खोकर आज चाहत में हम कैसे कंगाल हो गये !!
लड़कपन की उस नाजुकसी दौर-ए-उम्र में कभी !
दिल देकर उन्हें प्यार में उनपे ननिहाल हो गये !!
प्यार के उस महके-महके बहके मस्त आलम में !
हमें लगता था जैसे प्यार में मालामाल हो गये !!
साथ जीने मरने की हमने खाई कसम थी क्या करे !
मुसीबत के उस दौर में खड़े ऐसे सवाल हो गये !!
जाते जाते उनसे किया था इक सवाल ‘अजनबी’ !
जवाब मे शर्म व गुस्से से उनके गाल लाल हो गये !!
यह तो खुदा की मेहरबानी है लाख-लाख उन्हें शुक्रिया !
जो प्यार में उठे झगडे़ हमारे आज बहाल हो गये !!
मेरी जिन्दगी हुई बर्बाद फिर भी मैं बेहद खुश हूँ !
उनकी तो जिन्दगी संवरी जीवन खुशहाल हो गये !!
wah.badhiya.
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